
"सरहदे-इश्क़"
है ये शो'ला के या चिंगारी है,
आतश-अंगेज़ बेक़रारी है ...
यूँ निगाहों से ना गिराएँ हमें,
यूँ निगाहों से ना गिराएँ हमें,
चोट ज़िल्लत से भी करारी है ...
के शिकन आपके चेहरे पे पड़े
के शिकन आपके चेहरे पे पड़े
दिल पे अपने ये बात भारी है ...
सरहदें इश्क़ की न ठहराएँ
सरहदें इश्क़ की न ठहराएँ
इश्क़ से काइनात हारी है ....
हमने क्या कर दिया जो क़ाइल हैं
हमने क्या कर दिया जो क़ाइल हैं
आप पर जान ही तो वारी है ...
(आतश-अंगेज़ - आग भड़काने, उत्तेजित करने वाली
काइनात - दुनिया
क़ाइल - अभिभूत
वारी - न्योछावर )

चोट ज़िल्लत से भी करारी है ...
ReplyDeleteके शिकन आपके चेहरे पे पड़े
दिल पे अपने ये बात भारी है ...
सरहदें इश्क़ की न ठहराएँ
इश्क़ से काइनात हारी है ....
well said mam
Regards
well composed
ReplyDeleteRegards
दिल पे अपने ये बात भारी है ...
ReplyDeleteसरहदें इश्क़ की न ठहराएँ
इश्क़ से काइनात हारी है ....
हमने क्या कर दिया जो क़ाइल हैं
आप पर जान ही तो वारी है ...
superb!!
ReplyDeleteहै ये शो'ला के या चिंगारी है,
ReplyDeleteआतश-अंगेज़ बेक़रारी है ...
यूँ निगाहों से ना गिराएँ हमें,
चोट ज़िल्लत से भी करारी है ...
well written as always
सरहदें इश्क़ की न ठहराएँ
ReplyDeleteइश्क़ से काइनात हारी है ....
nice one
regards
well articulated
ReplyDeleteregards
well written
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सरहदें इश्क़ की न ठहराएँ
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हमने क्या कर दिया जो क़ाइल हैं
आप पर जान ही तो वारी है ...
well composed
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दिल पे अपने ये बात भारी है ...
सरहदें इश्क़ की न ठहराएँ
इश्क़ से काइनात हारी है ....
हमने क्या कर दिया जो क़ाइल हैं
ReplyDeleteआप पर जान ही तो वारी है
lovely one
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ReplyDeleteहमने क्या कर दिया जो क़ाइल हैं
nice as always
Regards
इश्क़ से काइनात हारी है ....
ReplyDeleteहमने क्या कर दिया जो क़ाइल हैं
good one mam
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है ये शो'ला के या चिंगारी है,
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यूँ निगाहों से ना गिराएँ हमें,
चोट ज़िल्लत से भी करारी है ...
सरहदें इश्क़ की न ठहराएँ
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हमने क्या कर दिया जो क़ाइल हैं
आप पर जान ही तो वारी है ...
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ReplyDeleteके शिकन आपके चेहरे पे पड़े
दिल पे अपने ये बात भारी है ...
सरहदें इश्क़ की न ठहराएँ
इश्क़ से काइनात हारी है ....
bahot khoob
another good one mam
ReplyDeleteRegards
well written
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