Wednesday, December 10, 2008

" मायाजाल"


" मायाजाल"
ह्रदय के मानचित्र पर पल पल
तमन्नाओं के प्रतिबिम्ब उभरते रहे,
यथार्थ को दरकिनार कर
कुछ स्वप्नों ने सांसे भरी...
छलावों की हवाएं बहती रही
बहकावे अपनी चाल चलते रहे,
कायदों को सुला , उल्लंघन ने
जाग्रत हो अंगडाई ली..
द्रढ़निश्चयता का उपहास कर
संकल्प मायाजाल में उलझते रहे,
ह्रदय के मानचित्र पर पल पल
तमन्नाओं के प्रतिबिम्ब उभरते रहे...

23 comments:

  1. जाग्रत हो अंगडाई ली..
    द्रढ़निश्चयता का उपहास कर
    संकल्प मायाजाल में उलझते रहे,
    ह्रदय के मानचित्र पर पल पल

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  2. ह्रदय के मानचित्र पर पल पल
    तमन्नाओं के प्रतिबिम्ब उभरते रहे...

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  3. @ avinash there is some prb visiting this blog of urs 4 last2days..wats d reasn avi?

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  4. ह्रदय के मानचित्र पर पल पल
    तमन्नाओं के प्रतिबिम्ब उभरते रहे...
    nice lines

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  5. छलावों की हवाएं बहती रही
    बहकावे अपनी चाल चलते रहे,
    कायदों को सुला , उल्लंघन ने
    जाग्रत हो अंगडाई ली..

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  6. जाग्रत हो अंगडाई ली..
    द्रढ़निश्चयता का उपहास कर
    संकल्प मायाजाल में उलझते रहे,
    ह्रदय के मानचित्र पर पल पल
    तमन्नाओं के प्रतिबिम्ब उभरते रहे...

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  7. ह्रदय के मानचित्र पर पल पल
    तमन्नाओं के प्रतिबिम्ब उभरते रहे,
    यथार्थ को दरकिनार कर
    कुछ स्वप्नों ने सांसे भरी...

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  8. कायदों को सुला , उल्लंघन ने
    जाग्रत हो अंगडाई ली..

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  9. ह्रदय के मानचित्र पर पल पल
    तमन्नाओं के प्रतिबिम्ब उभरते रहे...

    nice lines

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  10. lovely composition mam
    Regards
    Ashok, Kota

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  11. द्रढ़निश्चयता का उपहास कर
    संकल्प मायाजाल में उलझते रहे,
    ह्रदय के मानचित्र पर पल पल
    तमन्नाओं के प्रतिबिम्ब उभरते रहे...

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  12. बहकावे अपनी चाल चलते रहे,
    कायदों को सुला , उल्लंघन ने
    जाग्रत हो अंगडाई ली..
    द्रढ़निश्चयता का उपहास कर

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  13. बहकावे अपनी चाल चलते रहे,
    कायदों को सुला , उल्लंघन ने
    जाग्रत हो अंगडाई ली..

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  14. छलावों की हवाएं बहती रही
    बहकावे अपनी चाल चलते रहे,
    कायदों को सुला , उल्लंघन ने
    जाग्रत हो अंगडाई ली..
    good one

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  15. जाग्रत हो अंगडाई ली..
    द्रढ़निश्चयता का उपहास कर

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  16. कुछ स्वप्नों ने सांसे भरी...
    छलावों की हवाएं बहती रही
    बहकावे अपनी चाल चलते रहे,
    कायदों को सुला , उल्लंघन ने
    जाग्रत हो अंगडाई ली..

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  17. बहकावे अपनी चाल चलते रहे,
    कायदों को सुला , उल्लंघन ने
    जाग्रत हो अंगडाई ली..
    द्रढ़निश्चयता का उपहास कर
    bahot Khoob

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  18. जाग्रत हो अंगडाई ली..
    द्रढ़निश्चयता का उपहास कर
    sundar rachna

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  19. I like your blog.
    Carlos
    Portugal

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  20. I like your blog.
    Carlos
    Portugal

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