Friday, December 12, 2008

"मौन का उपवास"


"मौन का उपवास"
अनुभूतियों का आचरण
शालीन सभ्य सह्रदय हुआ,
और भावः भी चुप चाप हैं,
अधरों पे आके थम गया
शब्दों का बढ़ता कारवां,
स्वर कंठ में लुप्त हुए,
क्या "मौन" का उपवास है

13 comments:

  1. स्वर कंठ में लुप्त हुए,
    क्या "मौन" का उपवास है

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  2. और भावः भी चुप चाप हैं,
    अधरों पे आके थम गया

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  3. स्वर कंठ में लुप्त हुए,
    क्या "मौन" का उपवास है

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  4. और भावः भी चुप चाप हैं,
    अधरों पे आके थम गया

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  5. स्वर कंठ में लुप्त हुए,
    क्या "मौन" का उपवास है
    so touching,...no words on hw i feel

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  6. अधरों पे आके थम गया
    शब्दों का बढ़ता कारवां,
    स्वर कंठ में लुप्त हुए,
    क्या "मौन" का उपवास है

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  7. शब्दों का बढ़ता कारवां,
    स्वर कंठ में लुप्त हुए,

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