Thursday, December 4, 2008

"शब्दों की वादियाँ"


'शब्दों की वादियाँ"

शब्दों की वादियों मे
विचरता ये मन ,
खोज रहा कुछ ऐसे कण ,
जो सजा सके मनोभावों को,
चाहत के सुंदर साजों को,
लुकती छुपती अभिलाषा को,
नैनो मे दुबकी जिज्ञासा को,
सिमटी सकुचाई आशा को,
निश्चल प्रेम की भाषा को,
शब्दों की वादियों मे
विचरता ये मन ,
खोज रहा कुछ ऐसे कण............

17 comments:

  1. लुकती छुपती अभिलाषा को,
    नैनो मे दुबकी जिज्ञासा को,
    सिमटी सकुचाई आशा को,
    निश्चल प्रेम की भाषा को,

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  2. निश्चल प्रेम की भाषा को,
    शब्दों की वादियों मे

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  3. नैनो मे दुबकी जिज्ञासा को,
    सिमटी सकुचाई आशा को
    nice

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  4. नैनो मे दुबकी जिज्ञासा को,
    सिमटी सकुचाई आशा को,
    Good...Regards

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  5. विचरता ये मन ,
    खोज रहा कुछ ऐसे कण............
    too good mam
    regards

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  6. शब्दों की वादियों मे विचरता ये मन
    nice as always
    Thx & Regards
    Sneha

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  7. निश्चल प्रेम की भाषा को,
    शब्दों की वादियों मे
    विचरता ये मन ,
    खोज रहा कुछ ऐसे कण............
    good lines mam, Regards

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  8. another nice composition mam.....nice one
    Regards

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  9. लुकती छुपती अभिलाषा को,
    नैनो मे दुबकी जिज्ञासा को,
    सिमटी सकुचाई आशा को,
    निश्चल प्रेम की भाषा को,

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  10. निश्चल प्रेम की भाषा को,
    शब्दों की वादियों मे
    विचरता ये मन ,
    खोज रहा कुछ ऐसे कण............
    liked these lines most
    Regards

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  11. सिमटी सकुचाई आशा को,
    निश्चल प्रेम की भाषा को,
    शब्दों की वादियों मे
    विचरता ये मन ,
    खोज रहा कुछ ऐसे कण............
    nice lines
    Regards

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  12. निश्चल प्रेम की भाषा को,
    शब्दों की वादियों मे
    विचरता ये मन ,
    खोज रहा कुछ ऐसे कण............

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  13. नैनो मे दुबकी जिज्ञासा को,
    सिमटी सकुचाई आशा को,
    निश्चल प्रेम की भाषा को,
    शब्दों की वादियों मे
    विचरता ये मन ,
    खोज रहा कुछ ऐसे कण............
    Beautiful Lines Regards

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  14. शब्दों की वादियों मे
    विचरता ये मन ,
    खोज रहा कुछ ऐसे कण ,
    जो सजा सके मनोभावों को
    sundar rachna
    Dhanyavaad

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