
तन्हाइयों ने फ़िर
बीज तेरी यादो के रोपे
मन के बंजर खलिहानों मे
घावो की पनीरी अंकुरित हुई
बीते लम्हों की फसल उगाने को
तिल तिल जल के राख़ हुए
अरमान उर्वरक बन बिखर गये
दिल दरिया अश्रु बह निकले
सींच उन्हें अपना "फर्ज निभाने को
बीज तेरी यादो के रोपे
मन के बंजर खलिहानों मे
घावो की पनीरी अंकुरित हुई
बीते लम्हों की फसल उगाने को
तिल तिल जल के राख़ हुए
अरमान उर्वरक बन बिखर गये
दिल दरिया अश्रु बह निकले
सींच उन्हें अपना "फर्ज निभाने को
अरमान उर्वरक बन बिखर गये
ReplyDeleteदिल दरिया अश्रु बह निकले
सींच उन्हें अपना "फर्ज निभाने को
तन्हाइयों ने फ़िर
ReplyDeleteबीज तेरी यादो के रोपे
मन के बंजर खलिहानों मे
घावो की पनीरी अंकुरित हुई
बीते लम्हों की फसल उगाने को
ReplyDeleteतिल तिल जल के राख़ हुए
अरमान उर्वरक बन बिखर गये
well composed
बीते लम्हों की फसल उगाने को
ReplyDeleteतिल तिल जल के राख़ हुए
अरमान उर्वरक बन बिखर गये
दिल दरिया अश्रु बह निकले
बीज तेरी यादो के रोपे
ReplyDeleteमन के बंजर खलिहानों मे
घावो की पनीरी अंकुरित हुई
तिल तिल जल के राख़ हुए
ReplyDeleteअरमान उर्वरक बन बिखर गये
दिल दरिया अश्रु बह निकले
सींच उन्हें अपना "फर्ज निभाने को
मन के बंजर खलिहानों मे
ReplyDeleteघावो की पनीरी अंकुरित हुई
बीते लम्हों की फसल उगाने को
sundar rachna
ReplyDeleteबीते लम्हों की फसल उगाने को
ReplyDeleteतिल तिल जल के राख़ हुए
तिल तिल जल के राख़ हुए
ReplyDeleteअरमान उर्वरक बन बिखर गये
well composed ma'am
ReplyDeleteतिल तिल जल के राख़ हुए
ReplyDeleteअरमान उर्वरक बन बिखर गये
बीते लम्हों की फसल उगाने को
ReplyDeleteतिल तिल जल के राख़ हुए
तिल तिल जल के राख़ हुए
ReplyDeleteअरमान उर्वरक बन बिखर गये
दिल दरिया अश्रु बह निकले
ReplyDeleteसींच उन्हें अपना "फर्ज निभाने को
तन्हाइयों ने फ़िर
ReplyDeleteबीज तेरी यादो के रोपे
bhut hi sunder abhivaykti he
तन्हाइयों ने फ़िर
ReplyDeleteबीज तेरी यादो के रोपे
bhut hi sunder abhivyakti he
तिल तिल जल के राख़ हुए
ReplyDeleteअरमान उर्वरक बन बिखर गये