Wednesday, January 28, 2009

"फर्ज निभाने को"


तन्हाइयों ने फ़िर
बीज तेरी यादो के रोपे
मन के बंजर खलिहानों मे
घावो की पनीरी अंकुरित हुई
बीते लम्हों की फसल उगाने को
तिल तिल जल के राख़ हुए
अरमान उर्वरक बन बिखर गये
दिल दरिया अश्रु बह निकले
सींच उन्हें अपना "फर्ज निभाने को

18 comments:

  1. अरमान उर्वरक बन बिखर गये
    दिल दरिया अश्रु बह निकले
    सींच उन्हें अपना "फर्ज निभाने को

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  2. तन्हाइयों ने फ़िर
    बीज तेरी यादो के रोपे
    मन के बंजर खलिहानों मे
    घावो की पनीरी अंकुरित हुई

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  3. बीते लम्हों की फसल उगाने को
    तिल तिल जल के राख़ हुए
    अरमान उर्वरक बन बिखर गये
    well composed

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  4. बीते लम्हों की फसल उगाने को
    तिल तिल जल के राख़ हुए
    अरमान उर्वरक बन बिखर गये
    दिल दरिया अश्रु बह निकले

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  5. बीज तेरी यादो के रोपे
    मन के बंजर खलिहानों मे
    घावो की पनीरी अंकुरित हुई

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  6. तिल तिल जल के राख़ हुए
    अरमान उर्वरक बन बिखर गये
    दिल दरिया अश्रु बह निकले
    सींच उन्हें अपना "फर्ज निभाने को

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  7. मन के बंजर खलिहानों मे
    घावो की पनीरी अंकुरित हुई
    बीते लम्हों की फसल उगाने को

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  8. बीते लम्हों की फसल उगाने को
    तिल तिल जल के राख़ हुए

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  9. तिल तिल जल के राख़ हुए
    अरमान उर्वरक बन बिखर गये

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  10. तिल तिल जल के राख़ हुए
    अरमान उर्वरक बन बिखर गये

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  11. बीते लम्हों की फसल उगाने को
    तिल तिल जल के राख़ हुए

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  12. तिल तिल जल के राख़ हुए
    अरमान उर्वरक बन बिखर गये

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  13. दिल दरिया अश्रु बह निकले
    सींच उन्हें अपना "फर्ज निभाने को

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  14. तन्हाइयों ने फ़िर
    बीज तेरी यादो के रोपे
    bhut hi sunder abhivaykti he

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  15. तन्हाइयों ने फ़िर
    बीज तेरी यादो के रोपे
    bhut hi sunder abhivyakti he

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  16. तिल तिल जल के राख़ हुए
    अरमान उर्वरक बन बिखर गये

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