
"कैसे तुम्हे भुलाऊ "
कैसे मै जी पाउँगा ? ??
ये शब्द तुम्हारे ....
बाँध तोड़ संयम के सारे ,
बीते लम्हों के कालीन बिछाएं ,
मौन स्वरों के गलियारे मे ,
यादो के घाव पग धरते जायें,
सान्निध्य का एहसास तुम्हारा
विचलित कर मन को भरमाये ,
संकल्प तुम्हारे नर्त्य करे और ,
बोल गूंज कर प्रणय गीत सुनाये
"कैसे तुम्हे भुलाऊ

मौन स्वरों के गलियारे मे ,
ReplyDeleteयादो के घाव पग धरते जायें,
सान्निध्य का एहसास तुम्हारा
ReplyDeleteविचलित कर मन को भरमाये ,
well written regards
ReplyDeleteमौन स्वरों के गलियारे मे ,
ReplyDeleteयादो के घाव पग धरते जायें,
सान्निध्य का एहसास तुम्हारा
विचलित कर मन को भरमाये
very well composed lines
Regards
very well composed
ReplyDeleteRegards
very well composed
ReplyDeleteसान्निध्य का एहसास तुम्हारा
ReplyDeleteविचलित कर मन को भरमाये ,
संकल्प तुम्हारे नर्त्य करे और ,
बोल गूंज कर प्रणय गीत सुनाये
"कैसे तुम्हे भुलाऊ
ये शब्द तुम्हारे ....
ReplyDeleteबाँध तोड़ संयम के सारे ,
बीते लम्हों के कालीन बिछाएं
very well witten
ReplyDeleteregards
मौन स्वरों के गलियारे मे ,
ReplyDeleteयादो के घाव पग धरते जायें,
सान्निध्य का एहसास तुम्हारा
विचलित कर मन को भरमाये ,
nice one yet again
ReplyDeleteये शब्द तुम्हारे ....
ReplyDeleteबाँध तोड़ संयम के सारे ,
बीते लम्हों के कालीन बिछाएं
Fantastic Blog Hats off 2 u all...
ReplyDeleteसान्निध्य का एहसास तुम्हारा
ReplyDeleteविचलित कर मन को भरमाये ,
संकल्प तुम्हारे नर्त्य करे और ,
बोल गूंज कर प्रणय गीत सुनाये
"कैसे तुम्हे भुलाऊ
ये शब्द तुम्हारे ....
ReplyDeleteबाँध तोड़ संयम के सारे ,
बीते लम्हों के कालीन बिछाएं
मौन स्वरों के गलियारे मे ,
ReplyDeleteयादो के घाव पग धरते जायें,
संकल्प तुम्हारे नर्त्य करे और ,
ReplyDeleteबोल गूंज कर प्रणय गीत सुनाये
"कैसे तुम्हे भुलाऊ
lovely composition
ReplyDeleteyet again u came with beautiful composition
ReplyDeleteCongrats
सान्निध्य का एहसास तुम्हारा
ReplyDeleteविचलित कर मन को भरमाये ,
संकल्प तुम्हारे नर्त्य करे और ,
ReplyDeleteबोल गूंज कर प्रणय गीत सुनाये
"कैसे तुम्हे भुलाऊ
well , yet again
ReplyDeleteRegards
liked it
ReplyDeleteachha laga
ReplyDeleteमौन स्वरों के गलियारे मे ,
ReplyDeleteयादो के घाव पग धरते जायें,
सान्निध्य का एहसास तुम्हारा
विचलित कर मन को भरमाये ,
well composed
ReplyDeleteHappy new year seema jee
Regards
संकल्प तुम्हारे नर्त्य करे और ,
ReplyDeleteबोल गूंज कर प्रणय गीत सुनाये
"कैसे तुम्हे भुलाऊ
सान्निध्य का एहसास तुम्हारा
ReplyDeleteविचलित कर मन को भरमाये
nicely written
Regards
सान्निध्य का एहसास तुम्हारा
ReplyDeleteविचलित कर मन को भरमाये ,