Expect nothing, live frugally on surprise.

Saturday, November 15, 2008

" तेरा होना "


मुझे भाता है मेरे साथ मे तेरा होना,
सोच मे बात मे जज्बात मे तेरा होना
जिंदगी के मेरे हर साज़ मे तेरा होना,
मेरे सुर मे मेरी आवाज़ मे तेरा होना,

पल पल की बंधती हुई आस मे तेरा होना,
मेरे हर एहसास के एहसास मे तेरा होना
रूह मे रूह की हर प्यास मे तेरा होना,
जीस्त की बाकी हर एक साँस मे तेरा होना,
लगता है अब ये सफर सुख से गुजर जाएगा
जब से पाया है मैंने साथ में तेरा होना .....

22 comments:

Er. Nidhi Mishra November 15, 2008 at 10:02 AM  

जिंदगी के मेरे हर साज़ मे तेरा होना,
मेरे सुर मे मेरी आवाज़ मे तेरा होना,
पल पल की बंधती हुई आस मे तेरा होना,
मेरे हर एहसास के एहसास मे तेरा होना
Feelings fly after reading this sort of beautiful writing, absolute beauty of work
Godd work
Regards

Er. Puja Kapoor November 15, 2008 at 10:41 AM  

beautiful poem....like it a lot

Indian Bollywood Music & Movies November 15, 2008 at 3:46 PM  

Seema
You are great with poetry. I copy it too prior having your permission. Pls adv.
Regards
K. V. Seth

Indian Bollywood Music & Movies November 15, 2008 at 3:49 PM  

Seema
You are great in poetry. I will copy the above aforementioned prior your permission. Pls advise.
Regards
K. V. Seth....Canada

Er. Snigddha Aggarwal November 15, 2008 at 5:58 PM  

रूह मे रूह की हर प्यास मे तेरा होना,
जीस्त की बाकी हर एक साँस मे तेरा होना,
लगता है अब ये सफर सुख से गुजर जाएगा
जब से पाया है मैंने साथ में तेरा होना .....
liked these lines most

Dr. Aradhna Awasthi November 15, 2008 at 6:08 PM  

कभी बादलों से जब धूप की कोई किरण झांकती है,
किसी मोड़ पर तुम्हारे फिर मिल जाने की एक आस जागती है ।

एक किरण के दिख जाने से दूर नहीं होगा अन्धकार,
फिर इन्द्रधनुष बन जाने का सपना क्यों कर होगा साकार ।

अपने पैर घसीटते हुए कब तक चल पाऊंगा लगातार,
फट न पड़ें छाले, कहीं बैठ न जाऊं हो कर लाचार ।

मुझे बचा लेना ज़िन्दगी मेरा हाथ अपने हाथों में लेकर,
मौत से पहले तुम्हें जी लेना चाहता हूँ एक बार ।

Er. Paayal Sharma November 15, 2008 at 6:11 PM  

nicely written, good poem seema jee
Regards

Dr. Pragya bajaj November 15, 2008 at 6:56 PM  

special world for you and me
A special bond one cannot see
It wraps us up in its cocoon
And holds us fiercely in its womb.

Its fingers spread like fine spun gold
Gently nestling us to the fold
Like silken thread it holds us fast
Bonds like this are meant to last.

And though at times a thread may break
A new one forms in its wake
To bind us closer and keep us strong
In a special world, where we belong

Er. Prachi Pandey November 15, 2008 at 6:59 PM  

MERE TOOTE HUE DIL KO, SAHARA KON DEGA
MERI TOOFAAN ME KASHTI, KINARA KON DEGA
YEH KESE MOR PE LAAI HA MUJKO ZINDIGANI
ADHOORI SEE LIKHI GYEE HA KYUN MERI KAHANI
HA AB KIS RAAH PE CHALNA ISHARA KON DEGA
MERE TOOTE HUE DIL KO SAHARA KAUN DEGA

Dr.Nishi Chauhan November 15, 2008 at 7:12 PM  

तुम मुझमें प्रिय! फिर परिचय क्या

तारक में छवि, प्राणों में स्मृति
पलकों में नीरव पद की गति
लघु उर में पुलकों की संसृति

भर लाई हूँ तेरी चंचल
और करूँ जग में संचय क्या!

तेरा मुख सहास अरुणोदय
परछाई रजनी विषादमय
वह जागृति वह नींद स्वप्नमय

खेलखेल थकथक सोने दे
मैं समझूँगी सृष्टि प्रलय क्या!

Anonymous,  November 16, 2008 at 2:22 AM  

मुझे भाता है मेरे साथ मे तेरा होना,
सोच मे बात मे जज्बात मे तेरा होना
जिंदगी के मेरे हर साज़ मे तेरा होना,
मेरे सुर मे मेरी आवाज़ मे तेरा होना,
bahot khub
Regards

Anonymous,  November 16, 2008 at 2:23 AM  

good one
Regards
Arjun Tyagi

Anonymous,  November 16, 2008 at 6:01 AM  

after a long time reading a nice poetry on blog
Thx 2 writer
Regards

Er. Avinash Pandey November 16, 2008 at 6:05 AM  

please do not copy poetry without writer's permission
Thank You

seema gupta November 17, 2008 at 10:39 AM  

"heyyyy Guys...
"thanks a lot and lot for your preceious words overe here, i read your articals and poetry on my comment space, and found that you all are very creative and innovative, so please keep it up. wish you all good luck..

Regards

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